Saturday, 31 March 2012

जिन्दगी के पन्नों से.....

जब किस्मत ही रही खफा ताउम्र मुझसे मेरी...
तो जा जिन्दगी तुजसे भी कोई गिला नहीं...!!

जिन्दगी दूसरों को समझने में गुज़री जिसकी...
उसे समझने वाला कोई मिला ही नहीं...!!

ए रिश्तों तुम्हें तो दिल से निभाया मैंने...
पर मेरी वफ़ा का तो कोई सिला ही नहीं...!!

मुद्दत से बसर थी गमें-ए-किरायेदार की जिसमें...
उस दिल में खुशियों को घर कभी मिला ही नहीं..!!

ग़मों से दोस्ती कर मुस्कराना सिख लिया था...
पर कल जो सूरज ढला वो आज खिला ही नहीं..!!
.....kavs"हिन्दुस्तानी"..!!





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तकदीर रूठने से पहले चले आना..
ढलती जिन्दगी की कहीं शाम हो ना जाए.....!!

हम इंतज़ार करेंगे तेरा कयामत तक....
खुदा करे की क़यामत हो और तू आये.....!!
.........
रूठ कर जो सोचे वो हम से जुदा हो गये....
दिखता तो वो भी नहीं तू भी कहीं खुदा हो ना जाए..!!

हम इंतज़ार करेंगे तेरा कयामत तक....
खुदा करे की क़यामत हो और तू आये.....!!
........
निकले थे खुद को उजाड़ चमन तेरा सजाने....
सोचा ही नहीं की रास्ते ये कहीं दीवार हो ना जाए..!!

हम इंतज़ार करेंगे तेरा कयामत तक....
खुदा करे की क़यामत हो और तू आये.....!!
..........
उम्मीद का दीया जलता रहेगा साँसों की रवानगी तलक..
इंतज़ार में उन्निंदी पलकें कहीं थक के सो ना जाए ..!!
.........
हम इंतज़ार करेंगे तेरा कयामत तक....
खुदा करे की क़यामत हो और तू आये.....!!

......kavs"Hindustani"..!!

5 comments:

  1. अच्छे भाव अभिव्यक्ति ..
    बधाई कलम को !

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  2. कविता आप एक बेहतरीन रचनाकारा हो :)
    गमो से दोस्ती करके मुसकुराना सीख लिया मैंने भी :)
    शुभकामनायें !!

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  3. ना मैं कवि ना कवियित्री .. मैं तो बस कविता हूँ अपने मन की ;) यहाँ आना तो जैसे मैं भूल ही गयी हूँ। आज मेल में एक cmnt आया तो ओपन किया। आज पढ़ा देर से रिप्लाई के लिए माफी। शुक्रिया पसंद करने के लिए भईयाजी :)

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  4. ना मैं कवि ना कवियित्री .. मैं तो बस कविता हूँ अपने मन की ;) यहाँ आना तो जैसे मैं भूल ही गयी हूँ। आज मेल में एक cmnt आया तो ओपन किया। आज पढ़ा देर से रिप्लाई के लिए माफी। शुक्रिया पसंद करने के लिए भईयाजी :)

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