Wednesday, 29 January 2014



शुक्रिया

या खुदा..!
तेरा शुक्रिया.. 

तूने मुझे अच्छा नेचर, 
और एक नेक दिल दिया..
जो समझता है दूसरों के
दिल की कैफियत को...

जिस से जुड़ता है
उसे अपनाता चलता है...
क्योंकि वो  समझता है
"वसुधैव-कुटुम्बकम्" की
परिभाषा को..!!!!

©....Kavs"हिन्दुस्तानी"..!!


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